Sariya Cement New Price 2026 : सरिया और सीमेंट के रेट फरवरी से हुए आधे: आम जनता और निर्माण उद्योग को बड़ी राहत फरवरी 2026 की शुरुआत के साथ ही निर्माण क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। सरिया (स्टील रॉड) और सीमेंट के दामों में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई जगहों पर इनके रेट लगभग आधे तक कम हो गए हैं। इस गिरावट से न केवल बिल्डरों और ठेकेदारों को राहत मिली है, बल्कि आम लोगों के लिए भी घर बनाना अब पहले से कहीं सस्ता और आसान हो सकता है।
क्यों गिरे सरिया और सीमेंट के दाम?
इस बड़ी गिरावट के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण है मांग में कमी। पिछले कुछ महीनों में रियल एस्टेट और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई थी, जिससे सरिया और सीमेंट की खपत कम हो गई। इसके अलावा, कच्चे माल की कीमतों में गिरावट, स्टील उत्पादन में बढ़ोतरी और सीमेंट कंपनियों के बीच बढ़ी प्रतिस्पर्धा ने भी दाम नीचे लाने में अहम भूमिका निभाई। सरकार की ओर से भी कुछ नीतिगत फैसलों का असर दिख रहा है, जिनका मकसद निर्माण लागत को कम करना और हाउसिंग सेक्टर को बढ़ावा देना है।
कितने सस्ते हुए रेट?
फरवरी से कई राज्यों में सरिया के दाम 70–75 हजार रुपये प्रति टन से गिरकर 35–40 हजार रुपये प्रति टन के आसपास आ गए हैं। वहीं, सीमेंट का भाव जो पहले 380–420 रुपये प्रति बैग था, अब कई जगहों पर 200–220 रुपये प्रति बैग तक आ गया है। यानी सीधे तौर पर देखा जाए तो दोनों ही सामग्री के दाम लगभग आधे हो चुके हैं।
आम लोगों को क्या फायदा?
इस गिरावट का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो अपना घर बनाने या मरम्मत कराने की योजना बना रहे हैं। पहले जहां मकान बनाने का बजट बहुत ज्यादा हो जाता था, अब वही काम कम खर्च में हो सकेगा। ग्रामीण इलाकों में पक्के मकानों का सपना देख रहे लोगों के लिए यह मौका बेहद अच्छा साबित हो सकता है। इसके अलावा, छोटे ठेकेदार और लोकल बिल्डर भी अब ज्यादा प्रोजेक्ट्स लेने में सक्षम होंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर!
सरिया और सीमेंट के सस्ते होने से रियल एस्टेट सेक्टर को नई जान मिल सकती है। बिल्डर्स अब कम लागत में प्रोजेक्ट पूरे कर पाएंगे, जिससे फ्लैट और घरों की कीमतें भी स्थिर या कम रह सकती हैं। इससे खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा और बाजार में मांग फिर से तेज हो सकती है। इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे सड़क, पुल, स्कूल, अस्पताल आदि के निर्माण की गति भी तेज होने की उम्मीद है।